-आडवाणी को मिले भारत रत्न कार्यक्रम पर विपक्ष की आपत्ति

नई दिल्ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत रत्न से सम्मानित किया। इस सम्मान कार्यक्रम पर कई विपक्षी पार्टियों ने आपत्ति जताई है। वहीं कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा कर यह आरोप लगाया कि जब राष्ट्रपति जी एलके आडवाणी को सम्मानित कर रही थीं तब, पीएम मोदी अपनी सीट पर बैठे रहे। उनका आरोप है कि पीएम मोदी ने राष्ट्रपति का अपमान किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को एक कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया। आडवाणी को यह सम्मान उनके दिल्ली स्थित घर पर दिया गया। इस दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, पूर्व उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडू, पीएम मोदी समेत कई लोग मौजूद थे। इस सम्मान कार्यक्रम पर कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने सवाल उठा दिए हैं। उनका आरोप है की पीएम मोदी ने राष्ट्रपति का अपमान किया है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा कर यह आरोप लगाया कि जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, आडवाणी जी को भारत रत्न से सम्मानित कर रही थीं तब, पीएम मोदी अपनी सीट पर बैठे हुए थे। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह हमारी राष्ट्रपति महोदया का घोर अपमान है। पीएम मोदी को अवश्य खड़ा होना चाहिए था। जयराम ने अपनी बात को साबित करने दो तस्वीरें भी शेयर की हैं। तस्वीरों से बताया गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जब आडवाणी को सम्मानित कर रही थीं तब पीएम मोदी अपनी कुर्सी पर बैठे थे। देश की महामहिम राष्ट्रपति खड़ी हैं और पीएम मोदी बैठे हैं। एक बार फिर मोदी ने जानबूझकर आदिवासी महिला राष्ट्रपति का अपमान किया है। यह पहली बार नहीं हुआ है-जब नई संसद का उद्घाटन हुआ तब उन्हें बुलाया ही नहीं गया और राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भी राष्ट्रपति जी नजर नहीं आईं थीं । यह घटनाएं साफ करती हैं कि पीएम मोदी और बीजेपी की मानसिकता महिला और दलित विरोधी है। वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि महामहिम राष्ट्रपति जी का मान-सम्मान सर्व प्रथम और सर्वोपरि होना चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी निशाना साधते हुए कहा कि तस्वीर में खड़ी हुईं महिला भारत की प्रथम नागरिक महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी हैं। बैठे लोगों में वयोवृद्ध अडवाणी जी हैं, जिन्हें घर पर भारत रत्न दिया, दूसरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। यह सिर्फ़ प्रथम आदिवासी महिला राष्ट्रपति का ही अपमान नहीं, सामान्य शिष्टाचार के भी खिलाफ है। लानत है। गला फाड़ कर महिला सम्मान का ढोंग करने वाली बीजेपी उसके असभ्य नेता, बददिमाग कार्यकर्ता एक महिला राष्ट्रपति के इस अपमान से जरा भी आहत नहीं? राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने भी दिल्ली में हुई इंडिया की रैली में इस मुद्दे को उठाया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *