
वॉशिंगटन डीसीः 04 नवंबर, 2026
ममता सिंह
अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। डेमोक्रेट्स ने प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के साथ सीनेट में भी बहुमत हासिल कर लिया है। इस नतीजे के साथ अमेरिकी संसद के दोनों सदनों पर डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण हो गया है। यह ट्रंप के लिए बड़ा राजनीतिक झटका है, क्योंकि उनके दूसरे कार्यकाल के शुरुआती दो साल में रिपब्लिकन पार्टी के पास कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत था। मिशिगन में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल सैयद ने जीत हासिल की। इसके साथ ही वह अमेरिकी इतिहास में सीनेटर चुने जाने वाले पहले मुस्लिम बन गए हैं। अमेरिकी पॉलिटिकल गलियारों में इसे ‘मागा’ (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) पर वोक अमेरिकियों की जीत माना जा रहा है।
25 अक्टूबर को मिशिगन में एक चुनावी रैली के दौरान ट्रम्प ने अब्दुल को खुले मंच से ‘जिहादी’ कहा था। उन्होने कहा था, “मैं यहां एक जिहादी और मुस्लिम ब्रदरहुड के सदस्य को अमेरिकी सीनेटर बनने से रोकने आया हूं। ट्रम्प ने अब्दुल पर आतंकियों का साथ देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि अगर अल-सैयद सीनेटर बनते हैं, तो उन्हें संसद में जाने से पहले मेटल डिटेक्टर से गुजरना चाहिए। उन्होंने 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए अल-सैयद की तुलना विमान हाईजैक करने वाले आतंकियों से भी की थी।
हार के बाद ट्रंप ने मीडिया संस्थानों से बातचीत में अपनी पार्टी के प्रदर्शन पर सफाई देते हुए माना कि ईरान युद्ध और उससे जुड़ी महंगाई ने चुनाव को प्रभावित किया। लेकिन ट्रम्प ने इसे अपने नेतृत्व के खिलाफ जनमत नहीं माना। उन्होंने हार के लिए महंगा पेट्रोल, उनका खुद चुनाव में उम्मीदवार न होना, रिपब्लिकन उम्मीदवारों की कमजोरी, फॉक्स न्यूज का विपक्ष को ज्यादा जगह देना और डेमोक्रेट्स का प्रभावी प्रचार को मुख्य कारण माना। उन्होंने माना कि ईरान युद्ध भी रिपब्लिकन पार्टी की हार का एक कारण रहा। ट्रम्प का मानना है कि लोग ईरान को लेकर उनके फैसले से सहमत हो सकते हैं, लेकिन वे पेट्रोल-गैसोलीन की ज्यादा कीमत चुकाने के शुरुआती और तात्कालिक असर को झेलने के लिए तैयार नहीं थे। ट्रंप ने इस हार को स्वीकर किया लेकिन कहा, “मैं इस बात को समझता हूं, हालांकि इससे सहमत नहीं हूं।” हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कुल 435 सीटें हैं और सभी सीटों पर चुनाव हुए हैं। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने 231 सीटें जबकि ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी ने 144 सीटें जीती हैं। सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर चुनाव हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 33 सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं। इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी ने 20 और रिपब्लिकन पार्टी ने 13 सीटें जीती हैं। बाकी 2 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। इन नतीजों को मिलाकर डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 54 और रिपब्लिकन पार्टी के पास 44 सीटें हैं। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेटिक पार्टी को 258 सीटें मिलने का अनुमान है। पार्टी ने 1993 के बाद पहली बार इतनी सीटें हासिल की हैं। इससे पहले 2009 में डेमोक्रेट्स को 257 सीटें मिली थीं, तब बराक ओबामा राष्ट्रपति बने थे।
